Sariya Cement Balu Sasta:सरिया-सीमेंट और बालू के दाम गिरे, घर बनाने वालों की बल्ले-बल्ले देखे अभी का ताजा रेट।
Sariya Cement Balu Sasta:सरिया-सीमेंट और बालू के दामों में हालिया गिरावट ने साल 2026 की शुरुआत में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। लंबे समय से बढ़ती निर्माण लागत के कारण आम लोगों का बजट बिगड़ रहा था, लेकिन अब बाजार में आई नरमी से हालात बदलते नजर आ रहे हैं। सरिया, सीमेंट और बालू जैसी बुनियादी निर्माण सामग्री सस्ती होने से मकान निर्माण, मरम्मत और विस्तार के काम फिर से रफ्तार पकड़ सकते हैं।
जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता, परिवहन लागत में कमी और मांग में अस्थायी सुस्ती इसके प्रमुख कारण हैं। इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा मध्यम वर्ग और पहली बार घर बनाने वालों को मिल रहा है, सरिया और सीमेंट के दाम घटने के पीछे कई आर्थिक और बाजार से जुड़े कारण सामने आ रहे हैं। सबसे पहला कारण कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई स्थिरता है, जिससे उत्पादन लागत पर दबाव कम हुआ है।
घर बनाने का सुनहरा मौका सीमेंट सरिया सस्ता।
इसके अलावा देश के भीतर मांग में फिलहाल हल्की सुस्ती देखी जा रही है, खासकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी होने से। परिवहन और ईंधन लागत में हालिया कमी ने भी कीमतों को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है। कई स्टील और सीमेंट कंपनियां अपने स्टॉक को निकालने के लिए प्रतिस्पर्धी दामों पर बिक्री कर रही हैं, जिससे बाजार में भाव और नीचे आए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन फिलहाल घर बनाने वालों के लिए यह समय काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।
आगे कीमतें क्या फिर बढ़ सकती हैं?
हालांकि मौजूदा गिरावट राहत देने वाली है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी भी दे रहे हैं कि यह स्थिति हमेशा नहीं रह सकती। जैसे ही इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ेगी, कीमतों पर दोबारा दबाव आ सकता है। मानसून, ईंधन के दाम और सरकारी नीतियां भी निर्माण सामग्री की कीमतों को प्रभावित करती हैं। इसलिए घर बनाने वालों को सलाह दी जा रही है कि वे जरूरत के अनुसार सामग्री की खरीद अभी कर लें। यदि 2026 के मध्य या अंत तक मांग बढ़ती है, तो सरिया, सीमेंट और बालू के दाम फिर ऊपर जा सकते हैं।
बालू के दाम घटने से निर्माण लागत पर असर
बालू की कीमतें अक्सर स्थानीय सप्लाई, नियमों और परिवहन पर निर्भर करती हैं, लेकिन 2026 में कई राज्यों में इसके दामों में राहत देखने को मिली है। सरकारी निगरानी बढ़ने और अवैध खनन पर सख्ती के बावजूद वैकल्पिक स्रोतों और बेहतर वितरण व्यवस्था से सप्लाई सुधरी है। नतीजतन बालू के दाम स्थिर हुए हैं या कई जगह घटे भी हैं। बालू सस्ती होने से प्लास्टर, कंक्रीट और फाउंडेशन जैसे कामों की कुल लागत कम हो जाती है।
इससे छोटे और मध्यम स्तर के निर्माण प्रोजेक्ट्स ज्यादा किफायती बनते हैं। ठेकेदारों और बिल्डरों का कहना है.कि बालू के दामों में यह नरमी बनी रही तो आवास निर्माण की गति और तेज हो सकती है।